प्राचीन काल में ऋषि मुनि हजारों साल तक जीते थे इसका मुख्य कारण योग ही है योग के द्वारा हम स्वस्थ सुंदर और आकर्षक लंबी उम्र पा सकते है योग मतलब होता है जोड़ना
मतलब
आत्म + परमात्मा से जोड़ना योग है योग हमारे जीवन की सबसे बड़ी वरदान है जो हमारे ऋषि मुनियों की देन है
यह बहुत जरुरी है की सभी चीजों को ध्यान पूर्वक पढ़े फिर योग करे
अभ्यास से पूर्व
- सौच मतलब शोधन यह योग अभ्यास के लिए बहुत जरूरी है पूर्व अपेक्षित क्रिया है ।इसके अंतर्गत आसपास के वातावरण और शरीर मन की शुद्धि की जाती है
- योग अभ्यास शांत वातावरण में आराम के साथ शरीर एवम मन को शिथिल करके किया जाना चाहिए ।
- योग अभ्यास खाली पेट और अल्पाहार लेकर करना चाहिए
- यदि अभ्यास के समय कमजोरी महसूस हो तो गुनगुने पानी में शहद मिलाकर लेना चाहिए इससे राहत मिलेगी
- गर्भावस्था एवम मासिक धर्म में योग करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह ले
- थकावट जल्दबाजी और तनाव की स्थिति में योग नही करना चाहिए अभ्यास करने के लिए डरी कंबल या योग मैट का प्रयोग करे
अभ्यास के समय
- अभ्यास सत्र प्रार्थना स्तुति से प्रारंभ करना चाहिए क्योंकि प्रार्थना और स्तुति मन तन एवम मस्तिष्क को विश्रांति प्रदान करती है
- योग अभ्यास आरामदायक स्थिति में शरीर एवम स्वास प्रस्वाश की सजगता के साथ धीरे धीरे प्रारंभ करना चाहिए
- योग अभ्यास के समय स्वास प्रस्वश की गति नहीं रोकने चाहिए जब तक आपको ऐसा करने के लिए न कहा जाए ।
- अपनी शरीर और मानसिक क्षमता के अनुसार ही योग अभ्यास करना चाहिए ।अभ्यास के अच्छे परिणाम आने में कुछ समय लगता है इसीलिए लगातार और नियमित अभ्यास बहुत जरुरी है
- अभ्यास के समय अपना शरीर शिथिल रखे और शरीर को सख्त नही करे
- शरीर को किसी भी प्रकार के झटके से बचाए ।
- योग करते समय सभी प्रकार के निर्देशों का पालन करे
- योग सत्र का समापन हमेशा ध्यान एवम गहन मौन तथा शांति पाठ से करना चाहिए ।
अभ्यास के बाद
- अभ्यास के बाद 20 से 30 मिनट बाद स्नान करना चाहिए
- अभ्यास के 20 से 30 मिनट बाद ही आहार ग्रहण करना चाहिए
योग किस प्रकार से सहायता कर सकता है
आप सभी जानते है योग क्या कर सकता है योग हमे सभी प्रकार के बंधनों से मुक्त कर सकता है ।
वर्तमान में हो रहे शोध अब इस बात को पुष्टि करते है की योग से न केवल सरीरक वरना मानसिक रूप से बहुत फायदा पहुंचा रहा है अब इस बात का रहस्य प्रकट हो रहा है योग करते समय मंत्रो का प्रयोग करने से बहुत फायदा होता है
- योग अवसाद ,थकान, चिंता , संबंधी विकार को दूर और तनाव को कम करने में सहायक है ।
- मासिक धर्म को नियमित बनाता है ।
- स्नायुतंत्र एवम कंकाल तंत्र को सुचारू रूप से कार्य करने में और हृदय तथा नाडियो के स्वास्थ के लिए लाभदायक है
- यह मधुमेह स्वसन संबंधी विकार उच्च रक्तचाप ,निम्न रक्तचाप और जीवन सैली में कई प्रकार के लाभ पहुंचता है
योग के द्वारा मानव जीवन का कल्याण हो सकता है ।


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